कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

प्रदेश के 09 जिलों में आज कोरोना के एक भी एक्टिव केस नहीं है। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 729 रह गई है। ऐसी स्थिति कोरोना के शुरुआती दिनों में थी। यह संतोषप्रद है कि हर दिन ढाई लाख से तीन लाख टेस्ट होने म बाद भी, नए केस की संख्या में हर दिन गिरावट हो रही है।पॉजिटिविटी दर 0.01 फीसदी तक आ गई है। जनपद अलीगढ़, अमरोहा, बस्ती, एटा, हाथरस, कासगंज, कौशांबी, महोबा और श्रावस्ती में अब कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट नीति से कोरोना पर हुए प्रभावी नियंत्रण को बनाए रखने में जनसहयोग बहुत आवश्यक है। यह जरूरी है कि संयम और जागरूकता का क्रम सतत बना रहे। सभी प्रदेशवासी कोविड अनुकूल व्यवहार को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोविड टेस्टिंग करने वाला राज्य है। अब तक यहां 06 करोड़ 52 लाख से अधिक कोविड सैम्पल की जांच की जा चुकी है। विगत 24 घंटे में 02 लाख 44 हजार 02 कोविड सैम्पल की जांच की गई और 42 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जबकि 91 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। किसी भी जिले में दोहरे अंक में नए केस की पुष्टि नहीं हुई। 55 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 20 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए। इस अवधि में पॉजिटिविटी दर 0.01% रही। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 98.6% है। अब तक 16 लाख 84 हजार 925 से अधिक प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं।

कानपुर में विगत दिवस संक्रमित पाए गए 22 लोगों की गहन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई गई। इनके परिजनों सहित संपर्क में आए लगभग 1,400 लोगों की कोविड टेस्टिंग कराई गई और एक भी पॉजिटिव मरीज की पुष्टि नहीं हुई। यह स्थिति बताती है कि हमारा प्रदेश कोरोना संक्रमण से सुरक्षित है। संक्रमित पाए गए सभी मरीजों के बेहतर उपचार के लिए सभी इंतज़ाम किए जाएं।

सभी जनपदों में मरीजों की आवश्यकता के अनुसार तुरंत एम्बुलेंस की उपलब्धता होनी चाहिए। किसी भी दशा में मरीजों अथवा उनके परिजन का उत्पीड़न न हो। जिलाधिकारी गण अपने जिलों में एम्बुलेंस संचालन की व्यवस्था पर सतत नजर बनाए रखें। एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण यदि किसी की असमय मृत्यु की दुःखद घटना हुई, तो दोषी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है।

ऐसा देखने में आ रहा है कि अनेक अवैध/डग्गामार बसें उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर विभिन्न राज्यों की ओर जा रही हैं। यह बसें ओवरलोड होती हैं। इनकी स्थिति भी जर्जर होती हैं। परिवहन विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरतते हुए ऐसे बसों के संचालन को रोका जाए। इनके परमिट सहित अन्य दस्तावेजों की जांच हो। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोरता से कार्रवाई की जाए।

प्रदेश में अवैध शराब की निर्माण, क्रय, विक्रय की एक भी घटना घटित न हो। अवैध शराब के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की जाए। अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान और तेज किया जाए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदेश में कोविड टीकाकरण का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश में 04 करोड़ 67 लाख 83 हजार से अधिक कोविड वैक्सीन लगाए जा चुके हैं। प्रदेश के 03 करोड़ 91 लाख से अधिक लोगों ने कम से कम कोविड की एक खुराक ले ली है। यह किसी एक राज्य द्वारा किया गया सर्वाधिक वैक्सीनेशन है। कोविड वैक्सीनेशन को और तेज करने की आवश्यकता है। टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए।

नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट, अडानी व एक अन्य औद्योगिक समूह द्वारा डेटा सेंटर की स्थापना की कार्यवाही प्रस्तावित है। इस संबंध में सभी आवश्यक औपचारिकताएँ तेजी से पूरी की जाएं।

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